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New Labour Code 2025 भारत में चार नए लेबर कोड लागू, 29 पुराने कानून खत्म

By Navneet Kumar

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New Labour Code 2025 भारत में चार नए लेबर कोड लागू, 29 पुराने कानून खत्म
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New Labour Code 2025: 21 नवंबर का दिन भारत के कामकाजी लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन गया है! केंद्र सरकार ने आजादी के बाद का सबसे बड़ा श्रम सुधार यानी लेबर रिफॉर्म लागू कर दिया है! सीधे शब्दों में कहें तो सरकार ने पुराने और उलझे हुए 29 अलग-अलग कानूनों को खत्म करके उन्हें चार नए लेबर कोर्ट में बदल दिया है!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शमेव जयते का नाम दिया है! इसका मकसद दो चीजों को आसान बनाना है! श्रमिकों का जीवन बेहतर करना और कंपनियों के लिए बिजनेस करना आसान बनाना! आइए जानते हैं कि इसका आपकी नौकरी, सैलरी और भविष्य पर क्या असर पड़ेगा!

New Labour Code 2025

सबसे पहले आपको बता दें! चार नए कोर्ट क्या है? सरकार ने कानूनों को चार मुख्य हिस्सों में बांटा है! पहला वेतन। आपकी सैलरी और बोनस से जुड़े नियम। सामाजिक सुरक्षा! पेंशन, बीमा और पीएफ से जुड़े नियम। औद्योगिक संबंध, कंपनी, यूनियन और विवादों के नियम, सुरक्षा और स्वास्थ्य, ऑफिस या फैक्ट्री में काम करने की सुरक्षा और माहौल! कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए एक अच्छी खबर है!

अगर फायदे की हम बात करें तो यह सबको मिलेगा न्यूनतम वेतन। पहले केवल कुछ खास सेक्टर के लोगों को ही फिक्स मिनिमम अमाउंट, मिनिमम सैलरी मिलती थी! अब चाहे आप किसी भी सेक्टर में हो आपको सरकार द्वारा तय किया गया कम से कम वेतन मिलना ही होगा!

कोई भी राज्य इससे कम सैलरी नहीं दे सकता। गिग वर्कर्स को पहली बार सुरक्षा जो लोग Swiggt, Zomato, Uber या फ्रीलांसिंग का काम करते हैं! उन्हें अब तक कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती थी! नए कानून के तहत उन्हें भी पेंशन, बीमा और पीएफ जैसी सुविधाएं इस दायरे में मिलेंगी! इस दायरे में उन्हें लाया गया है। अपॉइंटमेंट लेटर अनिवार्य कर दिया गया है!

भारत में चार नए लेबर कोड लागू

अब किसी भी कर्मचारी को बिना लिखित कागजात के नौकरी पर नहीं रखा जा सकता! जॉइ करते वक्त आपको एक अपॉइंटमेंट लेटर मिलना जरूरी है! जिसमें आपकी सैलरी और काम की शर्तें साफ लिखी हो! 1 साल में ही ग्रेजुटी अगर आप फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं तो पहले ग्रेजुटी के लिए 5 साल इंतजार करना पड़ता था!

अब एक साल काम करने के बाद ही आप इसके हकदार होंगे! महिलाओं के लिए बराबरी। महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी! बशर्ते सुरक्षा पक्की हो! साथ ही पुरुषों और महिलाओं की सैलरी में कोई भेदभाव नहीं होगा!

इसका आपकी सैलरी पर क्या असर पड़ेगा

अब बात करते हैं कि इसका आपकी सैलरी पर क्या असर पड़ेगा! यह बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डालेगा। नए नियम कहते हैं कि आपकी बेसिक सैलरी आपकी कुल सैलरी यानी सीटीसी का कम से कम 50% होनी चाहिए! असर अभी तक कंपनियां बेसिक सैलरी कम रखती थी ताकि पीएफ कम कटे!

अब बेसिक सैलरी बढ़ने से आपका पीएफ योगदान बढ़ जाएगा! इसका नतीजा क्या हो सकता है? रिपोर्ट्स के मुताबिक महीने के अंत में आपके हाथ में आने वाली सैलरी यानी टेक होम सैलरी जिसे कहा जाता है वो थोड़ी कम हो सकती लेकिन आपकी भविष्य की बचत यानी पीएफ और ग्रेचुटी बढ़ सकती है! यानी रिटायरमेंट सुरक्षित होगा!

कंपनियों और बिजनेस के लिए क्या बदला?

कंपनियों और बिजनेस के लिए क्या बदला? रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनियों के लिए भी चीजें आसान हुई हैं! पहले उन्हें दर्जनों अलग-अलग रिटर्न भरने पड़ते थे और कई ऑफिसों के चक्कर काटने पड़ते थे! अब सिंगल विंडो एक लाइसेंस और एक ही तरह का रिटर्न भरना होगा। इंस्पेक्टर राज खत्म! अधिकारी अब डराने के बजाय मार्गदर्शन का काम ज्यादा करेंगे!

डिजिटल की अगर बात करें तो सारी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होगी! लेकिन हां कुछ रिपोर्ट्स में जो बातें सामने आई हैं वहां पे इसका विरोध भी हुआ। कुछ चिंताएं भी सामने आई। तो जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं! कुछ ट्रेड यूनियन इन कानूनों से खुश नहीं है। उनकी चिंताएं हैं कि हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा! अब हड़ताल पर जाने से पहले आपको बता दें कि 60 दिन का नोटिस देना जरूरी होगा जिससे विरोध करना कठिन हो जाएगा। नौकरी से निकालना आसान हो जाएगा!

जिन कंपनियों में 300 तक कर्मचारी हैं, वे अब सरकार की इजाजत के बिना ले ऑफ कर सकती हैं! या कंपनी बंद कर सकती हैं। पहले यह सीमा 100 कर्मचारियों की थी। यूनियन का कहना है कि इससे हायर एंड फायर का कल्चर बढ़ेगा! कुल मिलाकर यह सुधार 40 से 50 करोड़ भारतीय श्रमिकों की जिंदगी को एक ढांचे में लाने की कोशिश है!

चाहे एक तरफ आपको बेहतर पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और स्पष्ट नियम मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आपकी इन हैंड सैलरी कम हो सकती है! और कंपनियों को काम करने यानी निकालने की थोड़ी ज्यादा आजादी भी मिल सकती है। ऐसा रिपोर्ट्स में अभी तक कहा जा रहा है! ये भारत को एक आधुनिक अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है! लेकिन इसकी असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य सरकारें और कंपनियां इसे कितनी ईमानदारी से लागू करती हैं!

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Navneet Kumar

I'm Navneet Kumar, a Hindi content writer at allsarkarischeme.com. I enjoy writing information and engaging articles on topics such as latest news, government schemes, admit cards, results, etc. My writing style is simple and easy to understand, ensuring that our readers can absorb the information easily.

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