MNREGA Name Change: मनरेगा को लेकर कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है! दरअसल केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना करना और काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करने वाला बिल मंजूर कर दिया है!
MNREGA Name Change
केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार से जुड़ी देश की सबसे बड़ी योजना मनरेगा को नया रूप देने का फैसला कर लिया है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का नाम बदलने वाला बिल मंजूर कर दिया गया! MNREGA Name Change
सरकार का कहना है! कि यह बदलाव ग्रामीण रोजगार और विकास को नई दिशा देने के लिए किया जा रहा है! मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों के सदस्य काम की मांग कर सकते हैं। पंचायत स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है!
मनरेगा में अलग-अलग तरह के होते है काम
काम अलग-अलग तरह के होते हैं! जैसे तालाब बनाना, सड़क की मरम्मत, नाला खुदाई, बागवानी, मिट्टी कार्य और बाकी सामुदायिक काम। ग्रामीण क्षेत्रों में यह योजना रोजगार देने और आजीविका को सुरक्षित करने का बड़ा जरिया है! MNREGA Name Change सरकारी सूत्रों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में महंगाई और नौकरी की कमी को देखते हुए काम के दिनों को 125 करने का फैसला लिया गया है! सरकार चाहती है! कि गांव में रहने वाले परिवारों को अतिरिक्त काम मिले ताकि उनकी आमदनी बढ़े और पलायन कम हो! MNREGA Name Change
अब मनरेगा के काम के दिनों की बढ़ोतरी
बताया गया कि काम के दिनों की बढ़ोतरी से गांव में मजदूरी का चक्र मजबूत होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था में गति आएगी! सूत्रों का कहना है कि योजना का नया नाम पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना महात्मा गांधी की ग्रामीण स्वावलंबन की विचारधारा को दर्शाने के लिए रखा गया है!
सूत्रों का कहना है कि योजना का नया नाम पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना महात्मा गांधी की विचारधारा को दर्शाने के लिए रखा गया है! सरकार चाहती है कि गांधी के ग्राम स्वराज के सिद्धांत को रोजगार से जोड़ा जाए। हालांकि योजना की संरचना वही रहेगी! बदलाव सिर्फ नाम और काम के दिनों के रूप में लागू किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब यह बिल संसद में पेश किया जाएगा!
विधायक पास होते ही कानून में बदलाव लागू हो जाएंगे! अधिकारियों ने बताया कि बिल के साथ योजना के नियमों में भी संशोधन होंगे ताकि नए नाम और काम के दिनों को आधिकारिक रूप से लागू किया जा सके! विशेषज्ञों के अनुसार अतिरिक्त 25 दिन का रोजगार ग्रामीण परिवारों को काफी राहत देगा! इससे उनकी आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार सर्जन के अवसर मजबूत होंगे!
मनरेगा मजदूरों को मिलेगा यह लाभ
मनरेगा के तहत काम मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी का प्रभाव बढ़ता है! जिससे बाजार और छोटे व्यवसायों को भी लाभ होता है। यह स्कीम एक फ्लैशिप प्रोग्राम है जिसका मकसद ग्रामीण परिवारों की रोजीरोटी को सिक्योरिटी को बेहतर बनाना है। इसके लिए हर उस घर को एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 100 दिन की गारंटी वाली नौकरी दी जाती है!
जिसके बड़े सदस्य अपनी मर्जी से अनस्किल्ड मैनुअल लेबर करते हैं। मनरेगा दुनिया के सबसे बड़े वर्क गारंटी प्रोग्राम में से एक है जिसे 2005 में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शुरू किया था। 2022-23 तक मनरेगा के तहत 15.4 करोड़ एक्टिव वर्कर हैं। इस योजना का मकसद अधिकारियों का आधारित फ्रेमवर्क के जरिए पुरानी गरीबी की वजहों को दूर करना है। बेनिफिशरी में कम से कम 1/3 महिलाएं होनी चाहिए! MNREGA Name Change
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